AIIMS Delhi Admission: देश के सबसे नामी मेडिकल संस्थानों में शामिल एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) हर साल लाखों नीट-यूजी उम्मीदवारों की पहली पसंद रहता है. बेहतरीन मेडिकल शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं, रिसर्च के अवसर और शानदार करियर संभावनाओं के कारण यहां एडमिशन पाना हर मेडिकल एस्पिरेंट का सपना होता है. हालांकि, AIIMS दिल्ली में एमबीबीएस (MBBS) की सीटें काफी सीमित हैं, जिसकी वजह से यहां एडमिशन के लिए जबरदस्त कॉम्पीटीशन देखने को मिलता है. ऐसे में उम्मीदवारों को सिर्फ अच्छा स्कोर ही नहीं, बल्कि टॉप रैंक हासिल करने की जरूरत होती है.
एम्स दिल्ली में कितनी MBBS सीट्स
एम्स दिल्ली में एमबीबीएस की कुल 132 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें से 125 सीटें भारतीय उम्मीदवारों के लिए हैं, जबकि 7 सीटें विदेशी नागरिकों के लिए आरक्षित हैं. सीमित सीटों और बढ़ते कॉम्पीटीशन के कारण यहां एडमिशन देश के सबसे कठिन मेडिकल एडमिशन में से एक माना जाता है. कैटेगरी के अनुसार सीटें इस प्रकार है -
जनरल (UR): 46 सीटें
ओबीसी: 32 सीटें
एससी: 18 सीटें
एसटी: 9 सीटें
विदेशी नागरिक: 7 सीटें
एम्स दिल्ली में एडमिशन के लिए कितना स्कोर जरूरी?
एम्स दिल्ली में एमबीबीएस सीट हासिल करने के लिए उम्मीदवारों को बेहद शानदार प्रदर्शन करना पड़ता है. यहां एडमिशन के लिए करीब 99.99 पर्सेंटाइल के आसपास स्कोर की जरूरत पड़ सकती है. अगर नंबरों की बात करें तो 720 में से 705 से 715+ मार्क्स लाना सुरक्षित स्कोर माना जाता है. हालांकि, हर साल परीक्षा के स्तर और उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर कट-ऑफ में बदलाव हो सकता है. AIIMS दिल्ली जैसे संस्थान में एक-एक नंबर से सैकड़ों रैंक का अंतर पड़ सकता है.
जनरल कैटेगरी के लिए टॉप 50 रैंक जरूरी!
एम्स दिल्ली में सिर्फ नीट क्वालिफाई करना काफी नहीं होता. यहां सीट पाने के लिए ऑल इंडिया रैंक (AIR) बेहद अहम भूमिका निभाती है. पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो, जनरल कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक अक्सर टॉप 50 के अंदर रहती है. इसका मतलब है कि जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को एम्स दिल्ली में एमबीबीएस सीट पाने के लिए लगभग AIR 1 से 50 के बीच जगह बनाने का लक्ष्य रखना पड़ता है.
क्यों खास है एम्स दिल्ली?
एम्स दिल्ली को देश का प्रमुख मेडिकल संस्थान माना जाता है. यहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अत्याधुनिक मेडिकल रिसर्च, क्लिनिकल ट्रेनिंग और अनुभवी डॉक्टरों के साथ काम करने का अवसर मिलता है. यही वजह है कि हर साल लाखों छात्र इस संस्थान में एडमिशन पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. सीमित सीटों और बेहद ऊंची कट-ऑफ के कारण एम्स दिल्ली में एडमिशन पाना मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.
ये भी पढ़ें - भारतीय छात्रों में जर्मनी का क्रेज, 6 महीने में 370% बढ़े आवेदन; AI और टेक कोर्स पहली पसंद
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं