- दिल्ली के पालम साध नगर बाजार के मकान में लगी आग से एक ही परिवार के नौ सदस्य मारे गए और तीन घायल हुए हैं
- फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ी देर से खुलने के कारण तीन से चार जान बचाई जा सकती थीं लेकिन बच नहीं पाईं
- आग लगने के वक्त मकान मालिक राजेंद्र कश्यप गोवा में थे, जबकि उनका परिवार तीसरी मंजिल पर फंसा हुआ था
दिल्ली के पालम एरिया में साध नगर बाज़ार के मकान में लगी आग से एक ही परिवार के 9 की मौत हो चुकी है और तीन लोग घायल हैं. लेकिन फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ी अगर समय से खुल जाती तो 3-4 जान बचाई जा सकती थी. मौक़े पर सबसे पहले पहुंचने वाले साध नगर मार्केट एसोसिएशन के महासचिव मुकेश वर्मा ने NDTV से खास बातचीत करते हुए बताया कि मकान और दुकान राजेंद्र कश्यप की है जो आग लगने के वक्त घर से बाहर थे .वो उस वक्त गोवा किसी काम से गए थे.
एक बच्चा हाथ से छूटा, दूसरा बालकनी से कूदा
मुकेश वर्मा ने बताया कि जब बिल्डिंग में आग लगी, तब धुंआ काफी उठ रहा था. परिवार तीसरी मंजिल पर जान बचाने के लिए खड़ा था, लेकिन हाइड्रोलिक सीढ़ी खुलने में काफी वक्त लग गया. तब तक एक बच्चा हाथ से फिसलकर नीचे गिर गया. उसका हाथ फ्रैक्चर हुआ, जबकि उनका एक बेटा बचने के लिए कूदा वो भी घायल है.'
पालम कॉलोनी के घर में आग लगने के वक्त मौजूद एक और प्रत्यक्षदर्शी शशांक ने बताया कि फायर ब्रिगेड की सीढ़ी छोटी थी और बिल्डिंग की ऊंचाई काफी थी. इसके वजह से 30 मिनट तक परिवार बचाने की गुहार लगाते रहे, ऐसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई. शशांक ने बताया कि बच्चे को बचाने के लिए उसे नीचे फेंका गया. नीचे खड़े लोगों ने बचाने की कोशिश की वो भी घायल है. उसका इलाज चल रहा है.
शैंकी नाम के प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दुकान के नीचे एक बेसमेंट है और ऊपर दुकान. उसमें भी उस वक्त काफी माल भरा था. पहले नीचे बेसमेंट में लोगों ने धुंआ उठते देखा फिर करीब साढ़े छह बजे फायर ब्रिगेड को कॉल किया गया. बहुत कम वक्त में आग बिल्कुल ऊपर तक पहुंच गई थी, जहां बचने के लिए परिवार खड़ा था.
कौन थे राजेंद्र कश्यप जिनके परिवार के 9 लोगों की मौत हुई
राजेंद्र कश्यप साध नगर के राम चौक मार्केट एसोसिएशन के प्रधान अभी तीन महीना पहले ही दूसरी बार चुने गए थे. घटना के वक्त राजेंद्र कश्यप गोवा गए थे, जबकि एक दूसरा बेटा उसकी पत्नी और उसके दो बच्चे शिमला में थे. राजेंद्र कश्यप की पत्नी की बहन बाला ने बताया कि राजेंद्र कश्यप के परिवार में पांच बेटे एक बेटी थी. इसमें चार बेटों की शादी हो चुकी है. बाला बताती है कि सुबह जब पता चला, तब वो यहां आई हैं. ये भी नहीं पता है कि कौन-कौन बचा है. राजेंद्र कश्यप मार्केट एसोसिएशन के प्रधान होने के साथ ही आम आदमी पार्टी से भी जुड़ें थे. तीन दिन पहले ही उन्होंने एक शोभा यात्रा की अगुवाई की थी, जिसका पोस्टर भी लगा है.
खौफनाक वीडियो में दिखा हादसे का मंजर
NDTV के पास वो वीडियो जिसमें जब फायर ब्रिगेड की सीढ़ी नहीं पहुंची, तो बचने के लिए शख्स कूद गया. ऊपर से बच्ची भी नीचे गिरी, लेकिन तब तक नीचे खड़े लोगों ने पकड़ने की कोशिश की थी. दो लोग जो ऊपर की तीसरी मंजिल से नीचे गिरे थे, उनका फ़िलहाल इलाज चल रहा है. लेकिन करीब 50 फुट से बचने के लिए कूदने वाले राजेंद्र कश्यप का बेटा भी अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है..
बाज़ार में बने मकान और दुकान की सुरक्षा पर उठे सवाल
रामचौक बाज़ार काफी संकरी गलियों में बना है. जहां आग लगी उसके किनारे ही हाई वोल्टेज तारों का एक कैबनेट लगा है. ग्राउंड फ्लोर पर एक गारमेंट की दुकान है. नीचे बेसमेंट फिर ऊपर की मंजिल में गोदाम, फिर दूसरे और तीसरे मंजिल पर राजेंद्र कश्यप अपने पांच बेटों समेत रहते थे. इस मार्केट में पहले फ्लोर पर हर जगह दुकान बनी हुई है. संकरी गलियों और हाई वोल्टेज तार हर तरफ फैले हैं.
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