पिछले 4 वर्षों में सरकार ने पेट्रोल-डीजल के एक्साइज ड्यूटी में 4 बार कटौती कर कीमतों में स्थिरता बनाए रखी है. मार्च 2026 में विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कमी कर कीमतों पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का बोझ सरकार ने उठाया अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत ने उपभोक्ताओं पर सीधे अतिरिक्त बोझ डालने से बचाव किया है.