पिछले करीब नौ महीनों में भारतीय सीनियर टीम अलग-अलग पहलुओं से सुर्खियों में रही है. कुछ अच्छी जीत, तो कुछ खराब प्रदर्शन के कारण, लेकिन वरिष्ठों के प्रदर्शन के बीच नियमित अंतराल पर कोई न कोई बड़ा धमाका करते हुए 'छोटे' वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) दुनिया भर के फैंस के लिए जिज्ञासा और चर्चा का विषय बन गए हैं. जब भी वैभव को जिस स्तर पर मौका मिला, इस लेफ्टी आतिशी बल्लेबाज ने सुपर से ऊपर अंदाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. क्रिकेट जगत अभिभूत है और इसी कड़ी में बुधवार को भारतीय जूनियर टीम की कप्तानी कर रहे वैभव ने इस बार दक्षिण अफ्रीकी टीम को निशाना बनाते हुए तूफानी शतक ठोक दिया. वैभव ने 74 गेंदों पर 9 चौकों और 10 छक्कों से 127 रन बनाए. कुल मिलाकर वैभव का पिछले 9 महीनों में आठवां बड़ा कारनामा रहा. चलिए बारी-बारी से जानिए.
1. आईपीएल में सबसे तेज शतक
बड़ा कारनामा 14 साल के वैभव के बल्ले से निकला, तो दुनिया ने दांत तले उंगली दबा ली. पिछले साल 28 अप्रैल को जयपुर में वैभव ने सिर्फ 38 गेंदों पर 101 रन बनाए (35 गेंदों पर शतक), तो मानो वैश्विक स्तर पर स्टार का जन्म हो चुका था. यह उनका पहला कारनामा रहा.
2. इंग्लैंड अंडर-19 को दिखाया दम
आईपीएल के करीब डेढ़ महीने बाद वैभव का बल्ला फिर से गरजा. निशाने पर वूरस्टर में रही इंग्लिश अंडर-19 टीम. यूथ वनडे में वैभव ने सिर्फ 78 गेंदों पर 143 (52 गेंदों पर शतक) जड़ा
3. यूथ टेस्ट में कंगारुओं को ट्रेलर
अंग्रेज जूनियरों को अपना टैलेंट दिखाने के करीब दो महीने बाद वैभव ने कुछ ऐसा ही कारनामा ऑस्ट्रेलिया जूनियर (अंडर-19) के खिलाफ किया. उनके ही देश में 58 गेंदों पर शतक जड़ डाला. यह अंडर-19 के इतिहास में दूसरा सबसे तेज टेस्ट शतक है.
4. भारत 'ए 'के लिए दम
सीनियर टीम से पहले आखिरी 'दरवाजा'. और पिछले साल 14 नवंबर को दोहा में राइजिंग स्टार एशिया कप में वैभव का कहर यूएई के बॉलरों पर टूटा. वैभव ने अपने स्तर को एक पायदान और ऊपर ले जाते हुए 42 गेंदों पर 144 रन बनाए. शतक सिर्फ 32 ही गेंदों पर आ गया. इसके साथ ही वैभव किसी भी देश की 'ए'टीम के लिए शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए.
5. सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी का कारनामा
वैभव के दोहा के प्रदर्शन की चर्चा कम भी नहीं हुई थी कि 2 दिसंबर को वैभव ने घरेलू सर्किट की मजबूत टीमों में से एक महाराष्ट्र के खिलाफ ईडन गॉर्डन पर 61 गेंदों पर 108 रन बना डाले. इसी के साथ ही वैभव टूर्नामेंट के इतिहास में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए.
6. अंडर-19 एशिया कप
इस बार कुटाई की बारी यूएई जूनियरों की थी. इस देश के सीनियर मार भूले भी नहीं थे कि दिसंबर के महीने में ही अंडर-19 एशिया कप में वैभव ने यूएई के खिलाफ 171 रन की पारी खेल डाली.
7. विजय हजारे में हल्ला बोल
एक बार को क्रिकेट फैंस कह सकते हैं कि यह प्रदर्शन अरुणाचल प्रदेश जैसी टीम के खिलाफ आया, लेकिन उनके बल्ले की आग कितनी प्रचंड रही, यह आप इससे समझें कि वैभव ने सिर्फ 84 गेंदों पर 190 रन बना डाले. रांची में खेली इस पारी में शतक सिर्फ 36 ही गेंदों पर आया.
8. दक्षिण अफ्रीकी जूनियरों को दिखाया ट्रेलर
वैभव पहली बार जूनियर टीम के कप्तान रहे, तो पहले मैच की नाकामी से लगा कि कप्तानी उन पर असर डाल रही है, लेकिन बुधवार को तीसरे वनडे में बेनोनी में इस बार उन्होंने दिखाया कि उन पर रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ेगा. वैभव ने 74 गेंदों पर 127 रन ठोक डाले. और शतक सिर्फ 63 गेंदों पर आया. यह पिछले 9 महीनों में उनका आठवां बड़ा कमाल रहा, जिसने अगरकर एंड कंपनी के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
...अब सवाल बड़ा यह है कि
अब वह समय आ गया है, जब वैभव को लेकर मीडिया सेलेक्टरों से सवाल करेगा. भारत 'ए' के लिए वैभव ने दिखा दिया है कि इस स्तर के लिए उनका टेम्प्रामेंट शानदार है. भारत ए टीम इंडिया के चयन से पहले का आखिरी दरवाजा या 'टेस्ट' है. और सवाल अब यह होगा कि अब वैभव को भारतीय टी20 कैप कप दी जाएगी. उन्हें टी20 मैच कब खिलाया जाएगा. सवाल बहुत ही मुश्किल है क्योंकि अभिषेक शर्मा और दूसरे छोर पर विकेटकीपर ओपनर की पॉलिसी बन चुकी है. जायसवाल बाहर बैठे हैं. ऐसे में वैभव ने सेलेक्टरों क लिए एक 'स्वीट पेन' जरूर पैदा कर दिया है.
यह भी पढ़ें:
IND U19 vs SA U19: कप्तानी में भी वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाले सबसे कम उम्र के कप्तान














