देश भर में स्थित अकादमिक संस्थानों में शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) समर्पित 'अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन' का गठन करेगी. केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गेट के न्यूनम स्कोर (GATE Score) में भी बदलाव कर दिया गया है.
मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, "शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित डिविजन का सृजन किया जा रहा है जिसे 'अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन' के रूप में जाना जाएगा."
उन्होंने कहा कि इस डिविजन के प्रमुख एक निदेशक होंगे जो एमएचआरडी के तहत आने वाले विभिन्न संस्थानों में शोध कार्यो का समन्वय करेंगे.
मंत्री ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब मंत्रालय ने गेट स्कोर को कम करने एवं लैटरल एंट्री के विकल्प को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री शोध फेलोशिप (पीएमआरएफ) योजना का दायरा बढ़ाने की का निर्णय किया है.
निशंक ने अपने ट्वीट में कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अधिक से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रिसर्च फ़ेलोशिप (PMRF) से जोड़ने के लिए हमने चयन प्रक्रिया में कई परिवर्तन किए हैं.
यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में अधिक से अधिक प्रतिभावान होनहार विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रिसर्च फ़ेलोशिप (#PMRF) से जोड़ने के लिए हमने चयन प्रक्रिया में कई परिवर्तन किये हैं ।https://t.co/aR1RWuXIFk
— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) May 7, 2020
उन्होंने बताया कि फेलोशिप के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से गेट अभ्यार्थियों का न्यूनतम स्कोर 750 से घटाकर 650 कर दिया गया है. पात्रता परीक्षा में न्यूनतम सीजीपीए 8 है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित फ़ेलोशिप की ओर आकर्षित हो और इसका लाभ ले सके.
फ़ेलोशिप के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से गेट (#GATE) अभ्यार्थियों का न्यूनतम स्कोर 750 से घटाकर 650 कर दिया गया है। क्वालिफिकेशन परीक्षा में न्यूनतम CGPA 8 है |ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित फ़ेलोशिप की ओर आकर्षित हो और इसका लाभ ले सके।
— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) May 7, 2020
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीधे प्रवेश के अतिरिक्त लेटरल एंट्री का भी प्रावधान किया गया है. लेटरल एंट्री से वे प्रतिभाशाली छात्र लाभान्वित होंगे जो 12 या 24 महीने की पीएचडी रिसर्च कर चुके हैं.
सीधे प्रवेश के अतिरिक्त लेटरल एंट्री का भी प्रावधान किया गया है। लेटरल एंट्री से वे प्रतिभाशाली छात्र लाभान्वित होंगे जो 12 या 24 महीने की पीएचडी रिसर्च कर चुके हैं।#IndiaFightsCoronaVirushttps://t.co/aR1RWuXIFk
— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) May 7, 2020
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