Pariksha Pe Charcha के लिए अब 27 जनवरी तक करें आवेदन, PM मोदी से मिलेगा बात करने का मौका

Pariksha Pe Charcha 2022: प्रधानमंत्री के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भाग लेने की समय सीमा 27 जनवरी कर दी गई है. पंजीकरण प्रक्रिया 28 दिसंबर, 2021 से शुरू हुई थी.

Pariksha Pe Charcha के लिए अब 27 जनवरी तक करें आवेदन, PM मोदी से मिलेगा बात करने का मौका

'परीक्षा पे चर्चा ' के पांचवें संस्करण का आयोजन फरवरी में किया जाना है

नई दिल्ली:

Pariksha Pe Charcha 2022: 'परीक्षा पे चर्चा ' (Pariksha Pe Charcha 2022) के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है. अभी तक जिन बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों ने आवेदन नहीं किया है, वो 27 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं. पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 जनवरी, 2022 तक थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को ये जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया, ‘‘परीक्षा पे चर्चा के पांचवें सत्र में भाग लेने के लिए अंतिम तिथि बढ़ा कर 27 जनवरी तक कर दी गई है। ''

'परीक्षा पे चर्चा ' में भाग लेने की इच्छा रखने वाले लोग वेबसाइट www.mygov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन करने वाले बच्चे, माता-पिता और शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने का मौका मिलेगा और बोर्ड एग्जाम को लेकर चर्चा कर सकेंगे.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) हर साल बोर्ड परीक्षा से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा' करते हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा को लेकर होने वाले तनाव को कम करने और किसी तरह से परीक्षा की तैयारी की जाए, इसपर चर्चा करते हैं

इस साल भी बोर्ड एग्जाम से पहले पीएम मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा' करने वाले हैं. इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 28 दिसंबर, 2021 से शुरू की गई थी. जो की अभी भी जारी है. केवल ऑनलाइन के जरिए ही बच्चे, माता-पिता और शिक्षक पंजीकरण कर सकते हैं. 

फरवरी में होगा आयोजन

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'परीक्षा पे चर्चा ' के पांचवें संस्करण का आयोजन फरवरी में किया जाना है. वहीं पिछले साल पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान कहा था कि बच्चों पर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य लोगों द्वारा दबाव नहीं डाला जाना चाहिए. ऐसे करने से वे बिना किसी दबाव के परीक्षा में बैठ सकेंगे. अगर हम छात्रों पर दबाव कम करते हैं, तो उनका परीक्षा का डर भी कम हो जाएगा. माता-पिता को अपने बच्चे के कैलिबर को समझना चाहिए और उनकी ताकत पर ध्यान देना चाहिए. माता-पिता को छात्रों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाना चाहिए.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)