इस राज्य की यूनिवर्सिटी ने स्थगित किए UG के फाइनल ईयर एग्जाम, यह है वजह

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के परीक्षा शेड्यूल को स्थगित करने के आदेश के बीच हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) ने 18 अगस्त को होने वाली अंडरग्रेजुएट कोर्स की अंतिम वर्ष की परीक्षा को स्थगित कर दिया.

इस राज्य की यूनिवर्सिटी ने स्थगित किए UG के फाइनल ईयर एग्जाम, यह है वजह

प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के परीक्षा शेड्यूल को स्थगित करने के आदेश के बीच हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) ने 18 अगस्त को होने वाली अंडरग्रेजुएट कोर्स की अंतिम वर्ष की परीक्षा को स्थगित कर दिया. 14 अगस्त को HC की एक खंडपीठ ने माना था कि विश्वविद्यालय परीक्षा शेड्यूल के साथ आगे बढ़ नहीं सकता है. कोर्ट ने कोरोनावायरस खतरे के कारण परीक्षाओं को स्थगित करने की याचिका पर आदेश जारी किया था. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के परीक्षा के नियंत्रक जे एस नेगी ने सोमवार को कहा कि 18 अगस्त को होने वाली परीक्षा 14 अगस्त को जारी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर स्थगित कर दी गई है. 

हालांकि, विश्वविद्यालय ने 17 अगस्त को राज्य भर के 153 केंद्रों में अंडरग्रेजुएट (यूजी) कोर्स के अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित की थी. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं थी, इसी वजह से उन्होंने परीक्षा 17 अगस्त को तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू की, लेकिन बाद में उन्होंने 18 अगस्त को होने वाली परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया. 

इस बीच, राज्य सचिव (शिक्षा) राजीव शर्मा ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार से 14 अगस्त के आदेश की समीक्षा के लिए होई कोर्ट जाने के लिए कहा है. हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के वीसी को लिखे पत्र में, राजीव शर्मा ने कहा कि राज्य में यूजी छात्रों की अंतिम वर्ष की परीक्षा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशानिर्देशों के मद्देनजर आयोजित करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि यूजी और स्नातकोत्तर (PG) कोर्स की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए. 

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HPU के वीसी से हाई कोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर करने के लिए कहते हुए शर्मा ने कहा कि परीक्षा के अचानक रुकने से उन छात्रों को बहुत परेशानी होगी, जो अपनी परीक्षा के लिए विभिन्न स्थानों से आए हैं. इससे कॉलेज परिसर में अनावश्यक प्रशासनिक और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, क्योंकि इससे छात्रों के मन में अनिश्चितता और भ्रम की स्थिति पैदा होगी.