
नयी दिल्ली:
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने परीक्षाओं में ओएमआर शीट्स पर मार्क की गई प्रतिक्रियाओं को कैद करने के लिए एक नयी उन्नत ‘इमेज टेक्नोलाजी’ आधारित पद्धति- डिजि स्कोरिंग अपनाई है जिससे न केवल समय बचेगा, बल्कि यह सस्ता होगा.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘ डिजि-स्कोरिंग का इस्तेमाल इस बोर्ड द्वारा पहली बार प्रधानाचार्यों और केवीएस के सहायक आयुक्तों की भर्ती परीक्षा में ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट्स पर जवाब को कैद करने के लिए किया गया था. यह परीक्षा हाल ही में आयोजित की गई थी.’’
सीबीएसई चेयरमैन आरके चतुर्वेदी ने नई दिल्ली में शहर के संयोजकों की एक बैठक में ‘डिजि-स्कोरिंग’ पहल सामने पेश की.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘ डिजि-स्कोरिंग का इस्तेमाल इस बोर्ड द्वारा पहली बार प्रधानाचार्यों और केवीएस के सहायक आयुक्तों की भर्ती परीक्षा में ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) शीट्स पर जवाब को कैद करने के लिए किया गया था. यह परीक्षा हाल ही में आयोजित की गई थी.’’
सीबीएसई चेयरमैन आरके चतुर्वेदी ने नई दिल्ली में शहर के संयोजकों की एक बैठक में ‘डिजि-स्कोरिंग’ पहल सामने पेश की.
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