खास बातें
- रिजर्व बैंक द्वारा बचत खातों पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त किए जाने के कुछ घंटों बाद ही यस बैंक ने बचत खातों पर ब्याज दर बढ़ाने की घोषणा की है।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बचत खातों पर ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त किए जाने के कुछ घंटों बाद ही यस बैंक ने बचत खातों पर ब्याज दर 4 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की घोषणा की है। वहीं कुछ अन्य बैंकरों ने कहा है कि वे अभी इस पर फैसला करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि तरलता की स्थिति संतोषजनक है। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने कहा, हम जल्दी में नहीं हैं। हमें यह देखना होगा कि सभी बैंक क्या करते हैं। हमें तरलता पर अभी किसी तरह का दबाव दिखाई नहीं दे रहा है। बैंकों की तरलता की स्थिति संतोषजनक है। बैंक दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं। यस बैंक ने हालांकि तुरंत कदम उठाते हुए बचत खातों पर ब्याज दर दो प्रतिशत बढ़ा दी है। इसके साथ ही बैंक की अपनी आधार दर (बेस रेट) या न्यूनतम उधारी दर भी 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 10.50 फीसद कर दी है। एसबीआई के बारे में चौधरी ने कहा, फिलहाल हमारी पास इतनी तरलता है कि हम इसे घटाने पर विचार कर रहे हैं। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने कहा है कि वह कुछ समय स्थिति पर निगाह रखने के बाद ब्याज दरों में संशोधन का फैसला करेगा। आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी चंदा कोचर ने कहा, दरों में तत्काल वृद्धि नहीं होगी। सभी स्थिति पर निगाह रखने के बाद कोई फैसला करेंगे। एचडीएफसी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी आदित्य पुरी ने कहा, जब तक जमा पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं होती, ऋण पर ब्याज नहीं बढ़ेगा। फिलहाल स्थिति संतोषजनक है। ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स के कार्यकारी निदेशक एससी सिन्हा ने हालांकि कहा, रिजर्व बैंक के इस कदम के बाद बैंक जमा और ऋण पर ब्याज दरें बढ़ाएंगे। ऋण पर ब्याज दरों में कम से कम चौथाई फीसद की वृद्धि होगी।