खास बातें
- विश्व बैंक के प्रमुख जोलिक ने कहा कि ज्यादातर विकसित देशों के पास शायद ही कोई गुंजाइश बची है और कर्ज संकट ने यूरोप को चपेट में ले लिया है।
सिडनी: विश्व बैंक के प्रमुख रॉबर्ट जोलिक ने चेतावनी दी कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए और नए और खतरनाक दिन आने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर विकसित देशों के पास शायद ही कोई गुंजाइश बची है और कर्ज संकट ने पूरे यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया है। जोलिक ने कहा कि यूरोपीय क्षेत्र के सरकारी कर्ज, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक समस्या के मुकाबले ज्यादा मुश्किलदेह हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह स्टैंडर्ड एंड पूअर्स द्वारा अमेरिका की साख घटाए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। जोलिक ने वैश्विक वित्तीय संकट का जिक्र करते हुए कहा, हम नए और अलग तरह के तूफान की शुरुआत देख रहे हैं। यह 2008 जैसा नहीं है। उन्होंने एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में दुनिया संकटग्रस्त बहुवेगीय सुधार प्रक्रिया में तब्दीली आ गई है, क्योंकि उभरते बाजारों और ऑस्ट्रेलिया जैसी कुछ अर्थव्यवस्थाओं में अच्छा विकास हो रहा है और विकसित बाजार नए और पहले से ज्यादा खतरनाक चरण की ओर बढ़ते हुए संघर्ष कर रहे हैं। विश्व बैंक के प्रमुख ने कहा यूरोपीय संघ ने अब तक जो कदम उठाए हैं, वह जरूरत के मुकाबले बहुत कम है। जोलिक ने कहा, 2008 का सबक यही है कि जितनी देर की जाए, उतनी ज्यादा कोशिश करनी पड़ेगी।