यह ख़बर 20 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

बिजली के लिए विश्व बैंक से 113 अरब रुपये की मांग

खास बातें

  • पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में बिजली की आपूर्ति के लिए केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने विश्व बैंक से 113 अरब रुपये के कर्ज की मांग की है।
अगरतला:

पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में बिजली की आपूर्ति एवं पारेषण की एक महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने विश्व बैंक से 113 अरब रुपये के कर्ज की मांग की है। पूर्वोत्तर परिषद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने हाल ही में विश्व बैंक के समक्ष 11,348.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया है।" बयान में कहा गया है, "पूवरेत्तर के राज्यों विशेषकर अरुणाचल प्रदेश में 63,257 मेगावाट पनबिजली पैदा करने की क्षमता है। अरुणाचल प्रदेश में 2000 मेगावाट की क्षमता वाला सबसे बड़ा पनबिजली संयंत्र लोवर सुबांसिरी के वर्ष 2013-2015 के बीच पूरा होने की सम्भावना है।" नई दिल्ली में 16-17 जून को आयोजित पूर्वोत्तर परिषद की 60वीं बैठक में क्षेत्र में बिजली की स्थिति पर चर्चा की गई। परिषद की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री बी. के. हांडिक ने की। बैठक में पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।


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