खास बातें
- सरकार ने वर्ष 2007 के आरंभ में गेहूं की खेप बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
नई दिल्ली: अपना रुख में बदलाव लाते हुए खाद्य मंत्री केवी थामस ने बुधवार को कहा कि वह खाद्यान्नों के निर्यात की अनुमति दिए जाने के खिलाफ नहीं हैं तथा इस मुद्दे पर फैसला मंत्रियों की एक समिति द्वारा यथाशीघ्र लिया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2007 के आरंभ में गेहूं की खेप बाहर भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया था और बाद में अप्रैल, 2008 में गैर-बासमती चावल के निर्यात को भी रोक दिया था। थामस ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम खाद्यान्नों के निर्यात के खिलाफ नहीं हैं। हम गेहूं और चावल की कुछ मात्रा का निर्यात कर सकते हैं क्योंकि खाद्यान्नों का भारी उत्पादन हुआ है। राज्य सरकारों और अन्य मंत्रालयों से सुझाव मिले हैं कि 20 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन चावल के निर्यात की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी की अगुवाई वाला मंत्रियों का अधिकारप्राप्त समूह (ईजीओएम) जल्द ही गेहूं और चावल के निर्यात के बारे में कोई फैसला लेगा। मंत्री ने कई मौकों पर कहा था कि प्रस्तावित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत खाद्यान्नों की होने वाली भारी मांग को देखते हुए निर्यात नहीं किया जा सकता है।