खास बातें
- अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट द्वारा भारत में प्रवेश के लिए लॉबिंग किए जाने के मुद्दे की जांच शुरू होने के बावजूद यह कंपनी इस मुद्दे पर अमेरिकी सांसदों तथा अन्य के साथ लाबिंग गतिविधियों को जारी रखे हुए है।
वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट द्वारा भारत में प्रवेश के लिए लॉबिंग किए जाने के मुद्दे की जांच शुरू होने के बावजूद यह कंपनी इस मुद्दे पर अमेरिकी सांसदों तथा अन्य के साथ लाबिंग गतिविधियों को जारी रखे हुए है। कंपनी ने 2012 के दौरान इस मद पर लगभग 61.3 लाख डालर खर्च किए।
अमेरिकी संसद में लॉबिंग संबंधी खुलासे की नई रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार अमेरिकी वॉलमार्ट स्टोर्स ने 31 दिसंबर 2012 में विभिन्न मुद्दों पर लॉबिंग के लिए 14.8 लाख डॉलर (लगभग आठ करोड़ रुपये) खर्च किए। इसमें भारत में एफडीआई से जुड़े मुद्दे पर विचार-विमर्श पर खर्च शामिल है।
आंकड़ों के अनुसार कंपनी ने 2012 में कुल मिलाकर इस मद में 61.3 लाख डॉलर (लगभग 33 करोड़ रुपये) खर्च किए। अमेरिका में कंपनियों द्वारा लाबिंग मद में किए जाने वाले खर्च का खुलासा करना जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने इस बात की जांच शुरू की है कि वॉलमार्ट ने भारतीय बाजार में प्रवेश के लिए अमेरिका में किस तरह की लॉबिंग की। इस मुद्दे को लेकर भारत में खासा विवाद हुआ था।
वॉलमार्ट बरसों से भारत में सुपर मार्केट खोलने के लिए अनुमति का इंतजार कर रही है और वह इस मुद्दे पर 2008 से ही लॉबिंग कर रही है। तब से लेकर अब तक लॉबिंग गतिविधियों पर उसका कुल खर्च 3.40 करोड़ डॉलर (180 करोड़ रुपये) से ऊपर निकल गया है।
हालांकि, वॉलमार्ट के लॉबिंग खर्च में वर्ष 2011 के मुकाबले कमी आई है और इस दौरान यह 78 लाख 40 हजार डॉलर से घटकर 2012 में 61 लाख 30 हजार डॉलर रह गया। इससे पहले कंपनी ने 2010 में कुल 73 लाख 90 हजार डॉलर लॉबिंग पर खर्च किए थे।