नई दिल्ली: जर्मन कंपनी फॉक्सवेगन की गाड़ियों में गड़बड़ी की खबर के बाद अब भारत सरकार ने भी इस मामले में दखल देने का फैसला लिया है। भारत सरकार ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया से भारत में फॉक्सवेगन की गाड़ियों की जांच को कहा है।
भारी उद्योग मंत्रालय ने ऑटो रिसर्च संस्था से पूछा है कि क्या जो गड़बड़ी अमेरिका की गाड़ियों में पाई गई वह भारत में भी है या नहीं। सरकार इस मामले में सभी राज्यों को एडवाइजरी भेजने की तैयारी में है। इस मुद्दे पर सड़क परिवहन मंत्रालय भी भारी उद्योग मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इससे पहले मामला सामने आने के बाद फॉक्सवैगन के ग्लोबल सीईओ ने इस्तीफा दे दिया था। फोक्सवैगन ने एक चौंकाने वाले खुलासे में ये माना है कि उसने दुनियाभर की करीब एक करोड़ 10 लाख कारों की एमिशन टेस्ट यानी प्रदूषण जांच में गड़बड़ी कराई थी। कार में ऐसा सॉफ्टवेयर डाला गया, जिसके जरिये प्रदूषण जांच के सही नतीजे सामने नहीं आते थे, जिसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने फॉक्सवैगन को अमेरिका से अपनी पांच लाख गाड़ियों को वापस बुलाने का आदेश दिया था।