खास बातें
- खनन क्षेत्र की कम्पनी वेदांता रिसोर्सेज ने शनिवार को नियामक की अनुमति से अपनी सहयोगी कम्पनियों के विलय का प्रस्ताव रखा।
मुम्बई: खनन क्षेत्र की कम्पनी वेदांता रिसोर्सेज ने शनिवार को नियामक की अनुमति से अपनी सहयोगी कम्पनियों के विलय का प्रस्ताव रखा और कहा कि इस विलय से कारोबारी संचालन सरल हो जाएगा और खर्च में भी काफी कमी आएगी।
कम्पनी ने बम्बई स्टॉक एक्सचेंज को दी गई अपनी नियमित सूचना में कहा कि वह अपनी एल्यूमिनियम कम्पनी स्टरलाईट इंडस्ट्रीज और लौह अयस्क कम्पनी सेसा गोवा का एक कम्पनी 'सेसा स्टरलाईट' में विलय करना चाहती है।
वेदांता रिसोर्सेज के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा, "इससे समूह की कारोबारी संरचना में सरलता आएगी।" उन्होंने कहा कि सेसा स्टरलाईट समूह की प्रमुख कम्पनी होगी।
कम्पनी के मुताबिक स्टरलाईट इंडस्ट्रीज का सेसा गोवा में विलय होगा और सेसा गोवा के तीन शेयर का मूल्य स्टरलाईट के पांच शेयरों के बराबर माना जाएगा।
वेदांता एल्यूमिनियम और मद्रास एल्यूमिनियम का भी सेसा स्टरलाईट में विलय किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इस विलय के बाद सेसा स्टरलाईट एबिडटा के आधार पर दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी कम्पनी बन जाएगी।
कम्पनी के बयान के मुताबिक सहयोगी कम्पनियों के विलय से हर साल कारोबारी खर्च में 1000 करोड़ रुपये की बचत होगी।