यह ख़बर 05 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कर्जदार देशों को मदद बंद कर सकता है अमेरिका

खास बातें

  • एक प्रमुख सांसद ने सीनेट में संशोधन प्रस्ताव किया है, जिसके तहत अमेरिका से 10 अरब डॉलर कर्ज ले चुके देशों को विदेशी मदद बंद करने का प्रस्ताव है।
वाशिंगटन:

अमेरिका के एक प्रमुख सांसद ने सीनेट में एक संशोधन प्रस्ताव किया है, जिसके तहत अमेरिका से कम से कम 10 अरब डॉलर कर्ज ले चुके देशों को विदेशी मदद बंद करने का प्रस्ताव है। अगर यह प्रस्तावित पारित हो जाता है, तो इससे चीन, भारत, ब्राजील और रूस जैसे देश प्रभावित हो सकते हैं। सीनेटर टाम कोबर्न ने कहा कि उन देशों से उधार लेना जो हमसे वित्तीय मदद लेते हैं, दानदाता और दान प्राप्त करने वाला दोनों के लिए घातक है। अगर वे देश हमसे ऋण लेने में सक्षम हैं, तो वे खुद वित्तीय मदद कार्यक्रम की व्यवस्था कर सकते हैं। इसी के साथ जब हम ऐसे देशों से उधार लेते हैं, जिनकी हम मदद कर रहे हैं, हमारा बजट प्रभावित होता है। इससे एक-दूसरे पर निर्भरता और वित्तीय जोखिम बढ़ता है। सीनेटर ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने 16 देशों को 1.4 अरब डॉलर विदेशी मदद दी है और इनमें चीन और रूस समेत प्रत्येक देश पर अमेरिका का कम से कम 10 अरब डॉलर का कर्ज है। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से अमेरिकी करदाताओं को इस साल एक अरब डॉलर से अधिक की बचत होगी, अन्यथा यह धन चीन या रूस से उधार लेना होगा और फिर इसे लौटाना होगा।


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