खास बातें
- अमेरिकी अदालत ने एयर इंडिया के लिए 3.4 अरब डॉलर के ऋण को रोकने की मांग करने वाली प्रमुख अमेरिकी विमानन कंपनियों की याचिका खारिज कर दी है।
न्यूयॉर्क: अमेरिका की एक अदालत ने एयर इंडिया को नए बोइंग विमानों की खरीद के लिए 3.4 अरब डॉलर के ऋण को रोकने की मांग करने वाली प्रमुख अमेरिकी विमानन कंपनियों के एक उद्योग निकाय की एक याचिका खारिज कर दी है।
उद्योग निकाय एयरलाइन्स ऑफ अमेरिका ने पिछले साल नवंबर में अमेरिकी एक्जिम बैंक के खिलाफ याचिका दायर कर एयर इंडिया को दी गई ऋण गारंटी का यह कहते हुए विरोध किया था कि इस वित्तीय सहयोग से अमेरिकी विमानन कंपनियों का व्यवसायिक हित प्रभावित होगा। अमेरिकी एक्जिम बैंक ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर्स विमानों की खरीद के लिए यह ऋण गारंटी दी है।
कोलंबिया जिले की अदालत के जज जेम्स बोसबर्ग ने उद्योग निकाय की याचिका खारिज करते हुए कहा कि व्यापारिक समूह यह बताने में विफल रहा कि अगर बोइंग जेट विमानों की डिलीवरी एयर इंडिया को की जाती है तो उन्हें कैसे भारी नुकसान होगा। जज ने कहा कि याचिका दायर करने वाले निकाय में कोई भी विमानन कंपनी अमेरिका और भारत के बीच सीधी उड़ान सेवा मौजूदा समय में नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि केवल दो विमानों की डिलीवरी एयर इंडिया को मार्च तक की जानी है और यह मानना पूरी तरह से अटकलबाजी है कि इन विमानों की डिलीवरी से अमेरिकी विमानन कंपनियों को वित्तीय नुकसान होगा।