खास बातें
- स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी सीबीआई की निगाह एक अन्य रीयल एस्टेट समूह यूनिटेक पर टिकी हैं।
मुंबई / नई दिल्ली: स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी सीबीआई की निगाह एक अन्य रीयल एस्टेट समूह यूनिटेक पर टिकी हैं। यूनिटेक को 2007-08 में स्पेक्ट्रम मिला था, जिसके बाद उसने तेजी से 267 प्रतिशत लाभ में अपनी 60 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी। सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि शाहिद बलवा से पूछताछ पूरी होने के बाद यूनिटेक के अधिकारियों से जल्द दोबारा पूछताछ की जाएगी। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, यूनिटेक पर आरोप है कि उसने सेवा शुरू होने से पहले ही भारी-भरकम 267 प्रतिशत मुनाफे में अपनी 60 प्रतिशत हिस्सेदारी नॉर्वे की दूरसंचार कंपनी टेलीनार को बेची थी। एफआईआर में कहा गया है कि यूनिटेक को 22 सर्किलों के लिए यूएएस लाइसेंस 1,658 करोड़ रुपये में मिला था। सेवाएं शुरू करने से पहले ही उसने अपने 60 प्रतिशत शेयर टेलीनार को 6,100 करोड़ रुपये में बेचे थे। यूनिटेक के कुछ अधिकारियों से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय पहले ही पूछताछ कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि अब कुछ और प्रमाण मिले हैं, जिससे उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।