ट्विटर के सेफ्टी सेंटर से 'बदसलूकी' पर लगेगी लगाम

ट्विटर के सेफ्टी सेंटर से 'बदसलूकी' पर लगेगी लगाम

ट्विटर के तीस करोड़ से भी ज्यादा सदस्य हैं

ट्विटर ने एक नए सेफ्टी सेंटर पेज की शुरुआत की है ताकि ऑनलाइन यूज़र्स के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर लगाम कसी जा सके। इसे ट्विटर को बेहतर और सुरक्षित मंच बनाने की एक कोशिश बताया जा रहा है। तीस करोड़ से भी ज्यादा एक्टिव यूज़र्स वाले ट्विटर से हर दिन पचास करोड़ ट्विट्स भेजे जाते हैं।

इस पेज के ज़रिए कुछ टूल्स का इस्तेमाल करके ये तय किया जा सकता है कि आपकी तस्वीरें और ट्वीट्स कौन देखे और कौन नहीं। साथ ही आप उन अकाउंट्स की शिकायत भी कर सकते हैं जो ट्वीटर के नियमों के खिलाफ चल रहे हैं।बता दें कि इस साल मार्च के महीने में ट्विटर ने एक फीचर की शुरुआत भी की थी जिससे 'ऑटोमेटेड हैरेसमेंट रिपोर्ट' तैयार होती है जिसे कानून के सामने पेश किया जा सकता है।

काफी समय से इस सोशल मीडिया मंच के यूज़र्स को शिकायत थी कि आपत्तिजनक टिप्पणियों या धमकियों से निपटने के लिए ट्विटर के पास कोई उपाय नहीं है। इस वजह से ट्विटर कई महत्वपूर्ण यूज़र्स से हाथ भी धो बैठा। यही नहीं, कई नामी हस्तियां इसी बदसलूकी के डर की वजह से ट्विटर पर आना पसंद नहीं करती।

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गौरतलब है कि विश्व भर में ट्विटर के यूज़र्स को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है। भारत की ही बात करें तो राजनीतिक या अन्य विषयों पर टिप्पणी देने की वजह से अक्सर असहमति के रूप में यूज़र को अपशब्द और धमकियों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के #Selfiewithdaughter अभियान की आलोचना करने पर टीवी कलाकार श्रुति सेठ और सामाजिक कार्यकर्ता कविता कृष्णन को ट्विटर पर काफी अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था।