यह ख़बर 07 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आईएटीए ने किंगफिशर को किया निलम्बित

खास बातें

  • अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ ने बकाए का भुगतान करने में असफल होने पर किंगफिशर को अपने अंतर-हवाई लेनदेन इकाई से बुधवार को निलम्बित कर दिया।
नई दिल्ली:

वित्तीय संकट से जूझ रही निजी विमानन कम्पनी किंगफिशर को गुरुवार को एक दूसरा झटका लगा। अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने बकाए का भुगतान करने में असफल होने पर किंगफिशर को अपने अंतर-हवाई लेनदेन इकाई से बुधवार को निलम्बित कर दिया।

उद्योगपति विजय माल्या की स्वामित्व वाली कम्पनी किंगफिशर द्वारा बकाए का भुगतान न करने पर उसके बैंक खातों पर आय कर विभाग ने रोक लगा दी है। आईएटीए ने यह कदम इसके बाद उठाया है।

उद्योग जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक आईएटीए के बकाए का भुगतान न करने के चलते निकासी प्रणाली से किंगफिशर के निलम्बित होने पर उसके व्यवसाय पर करीब 30-35 प्रतिशत असर पड़ सकता है।

किंगफिशर के इस प्रणाली से निलम्बित हो जाने से अब यह सवाल उठने लगा है कि वैश्विक स्तर पर अंतरसम्बंधित व्यवस्थाओं गैलिलियो, सब्रे और एमड्यूस का इस्तेमाल करते हुए कम्पनी के टिकट बुक किए जा सकते हैं कि नहीं।

वहीं, किंगफिशर ने अपने जवाब में कहा है कि आयकर विभाग द्वारा उसके बैंक खातों पर रोक लगा देने की वजह से वह अपने बकाए का भुगतान करने में असमर्थ है।

किंगफिशर के एक अधिकारी ने बताया, "आयकर अधिकारियों द्वारा बैंक खाते जब्त किए जाने से हम आईएटीए को भुगतान करने में असमर्थ हैं।"

उन्होंने बताया, "हम आयकर अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि कम्पनी के खातों पर लगी रोक हटा ली जाएगी। जैसे ही बैंक खातों से रोक हटती है हम आईएटीए के बकाए का भुगतान करेंगे और दोबारा बहाल होंगे।"

उल्लेखनीय है कि आईएटीए पहले भी दो फरवरी को अपनी (आईसीएच) प्रणाली से किंगफिशर को निलम्बित कर चुका है लेकिन कम्पनी द्वारा बकाए का कुछ भुगतान करने पर उसे बहाल कर दिया था।

जेनेवा से आईएटीए की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "आईएटीए ने अपने आईसीएच में विमानन कम्पनी किंगफिशर की भागीदारी निलम्बित कर दी है क्योंकि उसने निर्धारित समयसीमा में अपने बकाए का भुगतान नहीं किया है।"

बयान में कहा गया है कि कम्पनी आईसीएच की जरूरतों को यदि पूरा कर देती है तो उसकी भागीदारी बहाल कर दी जाएगी।

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उल्लेखनीय है कि विमानन कम्पनियां अन्य विमानन कम्पनियों से मिली सेवाओं के भुगतान के लिए आईएटीए की क्लियरिंग हाउस (आईसीएच) से जुड़ती हैं।