यह ख़बर 04 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

उच्च आर्थिक वृद्धि को कैग की पारदर्शिता प्रमुख : सीएजी

खास बातें

  • भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित कैग विनोद राय ने शनिवार को आगाह किया कि भारत पारदर्शिता और जवाबदेही के बगैर सतत ऊंची वृद्धि दर नहीं हासिल कर सकता।
नई दिल्ली:

भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय ने शनिवार को आगाह किया कि भारत पारदर्शिता और जवाबदेही के बगैर सतत ऊंची वृद्धि दर नहीं हासिल कर सकता।

दिल्ली में 11वें अखिल भारतीय लोकायुक्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘आर्थिक वृद्धि तब तक टिकाऊ और समावेशी नहीं हो सकती जब तक यह पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर आधारित न हो।’ उन्होंने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार का मुद्दा कोई नया नहीं है। देश को सतत रूप से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने के लिए इससे (भ्रष्टाचार) प्रभावी तरीके से निपटने की जरूरत है ‘क्योंकि इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है।’

सरकारी अंकेक्षक कैग ने 2-जी स्पेक्ट्रम, कोयला ब्लॉक आबंटन पर अपनी रिपोर्टों में सरकार की ऐसी विभिन्न व्यवस्था का जिक्र किया है जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। इन रिपोर्टों पर सरकार को कड़ी प्रतिक्रिया देनी पड़ी।

भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक मंदी से पहले तक नौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर से बढ़ रही थी, लेकिन 2008-09 में यह 6.7 प्रतिशत पर आ गई।

कैग की कार्यप्रणाली के संबंध में राय ने कहा कि सरकारी अंकेक्षक ने दैनिक मुद्दों पर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए पुस्तिका पेश करना शुरू किया है।

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उन्होंने कहा, ‘अब हमने अपनी जटिल अंकेक्षण रिपोर्टों को छोटी पुस्तिका में तब्दील करना शुरू किया है। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सभी मुद्दों पर हम 14.15 पृष्ठों की पुस्तिका लेकर आए हैं।'