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खास बातें
- वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि बजट में सबका ध्यान रखना होता है और उद्योग जगत को यह नहीं मानना चाहिए कि सिर्फ उनके बारे में सोचा जाए।
नई दिल्ली: वित्तमंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि बजट में सबका ध्यान रखना होता है। एनडीटीवी के विक्रम चंद्रा और श्वेता राजपाल कोहली के साथ खास बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि उद्योग जगत को यह नहीं मानना चाहिए कि सिर्फ उनके बारे में सोचा जाए। वित्तमंत्री ने कहा कि बजट को लेकर उनके ऊपर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था और उनकी पार्टी इस बजट से खुश है।
चिंदबरम ने उम्मीद जताई है कि इस साल आयकर भरने वालों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह सबके लिए अच्छा होगा कि वे अपनी असल कमाई बताएं, आयकर भरें और अच्छे नागरिक बनें। मुझे लगता है कि टैक्स बेस बढ़ेगा और ज्यादा लोग अपनी असल कमाई बताते हुए मिलेंगे। चिदंबरम ने कहा कि सरकार की नजर उन लोगों पर है, जिनको टैक्स न देने की आदत है।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए जल्द ही और कदम उठाए जाएंगे। चिदंबरम ने कहा, दिसंबर में हमें पता चला कि कई मंत्रालयों ने आवंटित पैसे का 75 फीसदी भी नहीं खर्च किया था। चिदंबरम ने कहा कि सुपर-रिच वर्ग हमारी नजरों से बच नहीं सकता। सिर्फ 42,800 लोगों ने सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक की आय की बात स्वीकारी है। ज्यादा आमदनी होना कोई शर्म की बात नहीं है। चुनाव सिर्फ 14 महीने दूर है और मैं मानता हूं कि विकास ही जीत का मंत्र है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मुद्रास्फीति की है। अर्थव्यवस्था के सीमित दायरे में हम आर्थिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
चिदंबरम ने कहा कि हम आश्वस्त हैं कि संसद में खाद्य सुरक्षा बिल पास हो जाएगा। हमें भूमि अधिग्रहण बिल के पास होने की भी पूरी उम्मीद है।