फाइल फोटो : टाटा ग्रुप के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री
मुंबई:
टाटा संस ने बैंक खोलने के लिए अपना आवेदन वापस ले लिया है। कंपनी ने कहा है कि उसका मौजूदा वित्तीय सेवा मॉडल, समूह के घरेलू और विदेशी कारोबार की जरूरतें पूरी करने के लिए सर्वोत्तम है।
टाटा संस, टाटा समूह की अंशधारक कंपनी है। टाटा संस द्वारा आवेदन वापस लिए जाने के बाद नए बैंक लाइसेंस पाने के दौड़ में 25 कंपनियां हैं, जिनमें अनिल अंबानी समूह, आदित्य बिड़ला ग्रुप शामिल हैं। टाटा संस आवेदन वापस लेने वाली दूसरी बड़ी कंपनी है। इससे पहले वेणुगोपाल धूत के वीडियोकॉन ने भी कुछ महीने पूर्व अपना आवेदन वापस ले लिया था।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने लाइसेंस के लिए आवेदन ही नहीं किया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, कंपनी (टाटा संस) ने संकेत दिया है कि उसका मौजूदा वित्तीय सेवा परिचालन मॉडल, टाटा समूह के घरेलू और विदेशी रणनीति की जरूरतों के लिए सर्वोत्तम है। साथ ही यह समूह के विविध भागीदारों वाले ढांचे के हितों की रक्षा करते हुए समूह की कंपनियों के लिए पर्याप्त लचीली व्यवस्था उपलब्ध कराता है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने टाटा संस को आवेदन वापस लेने की अनुमति दे दी है। समूह ने कहा, कंपनी इस क्षेत्र में घटनाक्रमों पर निरंतर नजर रखेगी और उचित समय पर बैंकिंग क्षेत्र में भागीदारी करने की संभावना तलाशेगी। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने इस महीने की शुरुआत में उम्मीद जताई थी कि रिजर्व बैंक जनवरी, 2014 में बैंकिंग लाइसेंसों के लिए छांटे गए नामों की सूची की घोषणा करेगा।