केंद्र घरेलू कामगारों का पंजीकरण नहीं करने वाले राज्यों को अनुदान नहीं दे : सुप्रीम कोर्ट

न्यायालय इस बात को लेकर नाराज था कि कई राज्यों ने उसके 11 जनवरी के निर्देशों का पालन नहीं किया है. न्यायालय ने फरवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था. 

केंद्र घरेलू कामगारों का पंजीकरण नहीं करने वाले राज्यों को अनुदान नहीं दे : सुप्रीम कोर्ट

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह उन राज्यों को कोई अनुदान नहीं दे जिन्होंने असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा कानून के तहत घरेलू कामगारों को पंजीकृत नहीं किया है.  न्यायालय इस बात को लेकर नाराज था कि कई राज्यों ने उसके 11 जनवरी के निर्देशों का पालन नहीं किया है. न्यायालय ने फरवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था. 

न्यायालय ने एक पायलट परियोजना के तहत , दिल्ली सरकार को घरेलू कामगारों के पंजीकरण के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया था. न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति एम एम शांतनगौदर की पीठ ने सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया. पीठ ने हर राज्य के मुख्य सचिवों या प्रधान सचिवों से न्यायालय के पूर्व के आदेशों के अनुपालन में की गयी कार्रवाई स्थिति रिपोर्ट दायर करने को कहा. 

पीठ ने कहा, ‘‘यह निर्देश दिया जाता है कि केंद्र सरकार उन राज्यों को कोई अनुदान नहीं देगी जिन्होंने घरेलू श्रमिकों का पंजीकरण नहीं किया है.’’ पीठ ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए इसे आठ अगस्त को सूचीबद्ध किया. पीठ ने यह निर्देश गैर-सरकारी संगठन श्रमजीवी महिला समिति की याचिका पर दिया है. याचिका में कहा गया है कि कानून के 2008 में लागू होने और कई योजनाएं तैयार किए जाने के बाद भी घरेलू कामगारों को उनके लाभ नहीं मिले.


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