यह ख़बर 09 अप्रैल, 2014 को प्रकाशित हुई थी

सुब्रत राय को जेल की बजाय नजरबंद रखने का आग्रह सुप्रीम कोर्ट में खारिज

मुंबई:

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें सुब्रत राय को तिहाड़ जेल की बजाय नजरबंद रखने का आग्रह किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय से कहा, आप हमारी हिरासत में हैं। हमने आपको जेल नहीं भेजा है।

सहारा ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि सुब्रत रॉय को जेल से हटाकर घर या ऑफिस में नजरबंद रखा जा सकता है। सहारा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की तलाश कर रहा है, तब तक सहारा प्रमुख को या तो रिहा किया जाए या उन्हें नजरबंद रखा जाए।

निवेशकों के रुपये न लौटाने के मामले में सुब्रत राय 4 मार्च से तिहाड़ जेल में बंद हैं। सुब्रत रॉय ने एक याचिका दायर कर उन्हें जेल भेजने के फैसले को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इससे पहले सहारा प्रमुख की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक नया प्रपोजल दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी तरफ से फिलहाल 2500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और जमानत के लिए 21 दिनों के भीतर 2500 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त दी जाएगी, लेकिन सोमवार को उनकी तरफ से दाखिल यह प्रपोजल वापस ले लिया गया। सुब्रत रॉय के साथ कंपनी के दो डायरेक्टर भी जेल में बंद हैं।