खास बातें
- आर्थिक सर्वेक्षण 2011-12 में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन पर सब्सिडी का बोझ बढ़ रहा है, जिससे कुल सब्सिडी बजट अनुमान से अधिक रहेगी।
नई दिल्ली: सरकार का सब्सिडी का बोझ चालू वित्तवर्ष में 1,34,211 करोड़ रुपये के बजट अनुमान को लांघ जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण 2011-12 में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन पर सब्सिडी का बोझ बढ़ रहा है, जिससे कुल सब्सिडी बजट अनुमान से अधिक रहेगी।
इसमें कहा गया है कि 2011 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का औसत दाम 111 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले साल 80 डॉलर प्रति बैरल था। ऐसे में सरकार को वाहन ईंधन, एलपीजी के साथ खाद पर भी अधिक सब्सिडी देनी पड़ेगी।
समीक्षा में कहा गया है, ‘‘महत्वपूर्ण यह है कि नीतियां ऐसी हों, जो उन अनिश्चितताओं से निपट सकें, जो साल के दौरान पैदा हो सकती हैं।’’ समीक्षा में कहा गया है कि 2011-12 के लिए सब्सिडी का अनुमान 1,34,211 करोड़ रुपये रखा गया है, पर यह इससे कहीं अधिक रहेगा। 2010-11 में सरकार को सब्सिडी पर 1,31,212 करोड़ रुपये की राशि खर्च करनी पड़ी थी।