खास बातें
- अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती, भारतीय बाजार से बराबर धन की निकासी और रुपये की नरमी को रोकने के लिए सख्त नीति की संभावना कम होने के कारण स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने यह अनुमान लगाया है।
नई दिल्ली: वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने इस वर्ष के अंत तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनियम दर के बारे में अनुमान घटाकर 60.5 रुपये कर दिया है। पहले उसने इसके 53 रुपये प्रति डॉलर रहने का अनुमान लगाया था।
अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती, भारतीय बाजार से बराबर धन की निकासी और रुपये की नरमी को रोकने के लिए सख्त नीति की संभावना कम होने के कारण स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने अपने अनुमान में इस तरह का बदलाव किया है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आज एक अनुसंधान पत्र में कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव कम करने के लिए नीतिगत घोषणाएं महत्वपूर्ण हैं।
अनुसंधान पत्र में कहा, रुपये में नुकसान से सकारात्मक आर्थिक रुझानों के लिए जोखिम बढ़ गया है और इससे संस्थागत विदेशी निवेशकों की ओर से पूंजी का प्रवाह प्रभावित होगा। भारत की अस्थिर राजनीति और सुधार की धीमी प्रक्रिया और भी जोखिम पैदा करती है। रुपया पिछले सप्ताह कारोबार के दौरान 60 के करीब पहुंच गया था।