खास बातें
- अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की वजह से इस साल चांदी के दाम एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। बांबे बुलियन एसोसिएशन (बीबीए) ने यह अनुमान लगाया है।
मुंबई: अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की वजह से इस साल चांदी के दाम एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। बांबे बुलियन एसोसिएशन (बीबीए) ने यह अनुमान लगाया है।
बीबीए के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी ने कहा, ‘फिलहाल चांदी के दाम 57,000 रुपये किलोग्राम चल रहे हैं। वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से इसमें और तेजी आएगी और यह एक लाख रुपये की ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।’ पिछले दो साल में चांदी के दाम दोगुना से ज्यादा हो गए हैं।
कोठारी ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी से चांदी का आयात प्रभावित होगा। इस साल चांदी का आयात मामूली वृद्धि के साथ 5,000 टन रह सकता है, जो 2011 में 4,800 टन रहा था। उन्होंने बताया, ‘2011 में हमने 4,800 टन चांदी का आयात किया। यह 2010 के 2,800 टन की तुलना में 70 फीसद अधिक है। इस साल चांदी का आयात 5,000 टन रह सकता है।’
सोने के बारे में कोठारी ने कहा कि इसका आयात कमोबेश 2011 जितना ही रहेगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2011 में देश ने 966 टन सोने का आयात किया। उन्होंने कहा कि इस साल सोने के दाम मौजूदा आर्थिक संकट की वजह से 26,000 से 35,000 रुपये प्रति दस ग्राम के दायरे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 1,600 से 2,200 डालर प्रति औंस रहेगा।