यह ख़बर 26 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

स्पेक्ट्रम कीमत पर कैबिनेट करेगा निर्णय : सिब्बल

खास बातें

  • सिब्बल ने कहा कि हमने स्पेक्ट्रम कीमत पर अपने विचार को अंतिम रूप दे दिया है और जल्दी ही मामले पर दूरसंचार आयोग विचार करेगा।
नई दिल्ली:

घोटालों से जूझ रहा दूरसंचार मंत्रालय स्पेक्ट्रम कीमत तथा प्रमुख मोबाइल सेवा प्रदाताओं द्वारा रखे गए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए एक मुश्त शुल्क लिए जाने पर अंतिम निर्णय से पहले इस मामले को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखेगा। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, हमने स्पेक्ट्रम कीमत पर अपने विचार को अंतिम रूप दे दिया है और जल्दी ही मामले पर दूरसंचार आयोग विचार करेगा और दूरसंचार आयोग के फैसले के बाद मैं आमसहमति के लिए मंत्रिमंडल के पास जाऊंगा। दूरसंचार नियामक ट्राई ने इस साल फरवरी महीने में शुरूआती स्पेक्ट्रम के साथ भारती, वोडाफोन, आइडिया, बीएसएनएल तथा एमटीएनएल जैसी कंपनियों द्वारा 6.2 मेगाहट्र्ज की सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाली कंपनियों की लागत में छह गुणा वृद्धि की सिफारिश की थी। ट्राई के अनुसार 6.2 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की लागत अब 10,972.45 करोड़ रुपये होगी जो पूर्व 1,658 करोड़ रुपये थी। 6.2 मेगाहट्र्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले पर प्रति एक स्पेक्ट्रम के लिये 4,571.87 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या दूरसंचार विभाग मंजूरी के लिये मामले को विशेष तौर पर मंत्रिमंडल के पास ले जा रहा है, सिब्बल ने कहा, ऐसा नहीं है। मुझे लगता है कि सामान्य नीतिगत फैसले के बारे में मंत्रिमंडल को भी सूचित किया जाना चाहिए और हम यही चाहते हैं। बहरहाल, उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया कि ट्राई की सिफारिशों पर दूरसंचार विभाग का क्या निर्णय है। मामले से जुड़े सूत्र ने कहा कि दूरसंचार विभाग की आंतरिक समिति कई मुद्दों पर ट्राई की रिपोर्ट के पक्ष में है।


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