बता दें कि अमेरिकी बाजार में डाउजोंस करीब 520 अंक तेजी देखी गई वहीं नेसडैक भी करीब 162 अंक तेजी के साथ देखा जा रहा है. एशियाई बाजार में जापान के Nikkei में भी तेजी बनी हुई है.
आईआईएफएल के वीपी रिसर्ज अनुज गुप्ता के अनुसार एक बार फिर कोरोना के बढ़ते खतरे का असर बाजार में दिख सकता है. साथ ही उनका मानना है कि मेटल और ऑयल में कुछ पॉजिटिव ट्रेंड देखने को मिल सकता है.
बता दें कि स्थानीय शेयर बाजार ने शुरुआती बढ़त गंवा दी थी और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी कारोबार के अंत में करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. एशियाई बाजारों में बड़े पैमाने पर कमजोरी और रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव दिखा था.
इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 635.05 अंक या 1.03 प्रतिशत गिरकर 61,067.24 पर बंद हुआ था. दिन के कारोबार में सेंसेक्स 763.91 अंक या 1.23 प्रतिशत गिरकर 60,938.38 अंक पर आ गया था.
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 186.20 अंक या 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,199.10 अंक पर बंद हुआ था.
सेंसेक्स के शेयरों में इंडसइंड बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक नुकसान में रहे थे.
दूसरी ओर सन फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, नेस्ले, विप्रो और इन्फोसिस के शेयर लाभ में रहे थे.
अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे थे. हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहा थे.
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि प्रमुख सूचकांक चीन और अन्य स्थानों पर कोविड संक्रमण फैसले से दबाव में आ गए.
अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.08 प्रतिशत चढ़कर 80.85 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था.
शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 455.94 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे.