पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म हो गए, लेकिन हालात आसान नहीं थे. पहले और दूसरे चरण में क्रूड बम, हिंसा, तोड़फोड़ और घेराव की घटनाओं ने माहौल गर्म रखा.
सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी—शांतिपूर्ण मतदान कराना और उपद्रवियों से निपटना. टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप‑प्रत्यारोप, कार्यकर्ताओं पर हमले और केंद्रीय बलों की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में रही.
इन सबके बीच रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई. क्या बंपर मतदान बदलाव का संकेत है? क्या 15 साल बाद बंगाल की सत्ता में परिवर्तन होगा?
हिंसा, वोटिंग ट्रेंड और एक्सिट पोल—पूरी तस्वीर इस वीडियो में.