यह ख़बर 12 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

शेयर बाजारों में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट

खास बातें

  • देश के शेयर बाजारों में 11 मई को समाप्त कारोबारी सप्ताह में गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.20 फीसदी यानी 538.10 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ शुक्रवार को 16,292.98 पर और निफ्टी 3.10 फीसदी यानी 157.95 अंकों की गिरावट के साथ 4,928.90 पर बंद हुआ।
मुम्बई:

देश के शेयर बाजारों में 11 मई को समाप्त कारोबारी सप्ताह में गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.20 फीसदी यानी 538.10 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ शुक्रवार को 16,292.98 पर और निफ्टी 3.10 फीसदी यानी 157.95 अंकों की गिरावट के साथ 4,928.90 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई। पिछले सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 356.26 अंकों की गिरावट के साथ 16,831.08 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 122.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,086.85 पर बंद हुआ था।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 82 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने गैर ब्रांडेड आभूषणों की बिक्री पर एक फीसदी शुल्क हटा लिया है, जिसका प्रस्ताव आम बजट 2012-13 में रखा गया था।

इसके साथ ही मुखर्जी द्वारा जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) को एक साल के लिए टालने और कर वंचना को साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों के कंधे पर देने की बात कहने के बाद देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे।

मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है।

बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था।

इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी।

उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।

इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।