खास बातें
- इन नियमों के तहत बाजारों का स्वामित्व और संचालन आदि का मुद्दा शामिल है। बाजार नियामक सेबी की एक समिति ने पिछले साल ये सुझाव दिए थे।
नई दिल्ली: सरकार शेयर बाजारों के लिए नए नियमों पर विभिन्न अंशधारकों के साथ सोमवार से विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इन नियमों के तहत शेयर बाजारों का स्वामित्व और संचालन आदि का मुद्दा शामिल है। बाजार नियामक सेबी की एक समिति ने पिछले साल ये सुझाव दिए थे। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति ने शेयर बाजारों के अलावा अन्य बाजार ढांचागत संस्थानों मसलन डिपॉजिटरीज और क्लियरिंग कारपोरेशन के लिए भी नए स्वामित्व और प्रशासन मुद्दों पर सुझाव दिए हैं। जालान समिति द्वारा दिए गए सुझावों पर सरकार का रुख जानने के बाद एक समिति का गठन किया गया है जिसमें कंपनी मामलों के मंत्रालय, शेयर बाजारों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति प्रस्तावित नियमों का अध्ययन करने के अलावा आवश्यक बदलावों के बारे में भी सुझाव देगी। इसके एक सदस्य ने कहा कि नई समिति सोमवार से विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करेगी और अगले माह तक अपनी अंतिम सिफारिशें देगी। कंपनी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव रेणुका कुमार की अगुवाई वाली इस समिति में एनएसई, बीएसई के अलावा उद्योग चैंबरों, डिपाजिटरों एनएसडीएल और सीडीएसएल और अकाउंटिंग संस्थान आईसीएआई के प्रतिनिधि शामिल हैं। दो नए एक्सचेंजों यूनाइटेड स्टॉक एक्सचेंज और एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज को भी समिति में अपने सदस्य मनोनीत करने के लिए न्योता दिया गया है।