यह ख़बर 22 मई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

सेबी ने एल्गो नियम कड़े किए, उल्लंघन करने वालों पर अधिक जुर्माना

खास बातें

  • सेबी ने एल्गोरिथमिक कारोबार नियमों को कड़ा कर दिया है। बाजार नियामक ने इस प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों को प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट अनिवार्य कर दिया है।
मुंबई:

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एल्गोरिथमिक कारोबार नियमों को कड़ा कर दिया है। बाजार नियामक ने इस प्रणाली का इस्तेमाल करने वालों को प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। नियम पालन नहीं करने वाले शेयर ब्रोकरों पर ज्यादा जुर्माना भी लगाया जाएगा।

शेयर कारोबार में ‘एल्गो ट्रेडिंग’ से आशय ऐसे ऑर्डर से हैं, जो आधुनिक गणितीय तरीके का इस्तेमाल कर बेहद तेज गति से सामने आते हैं और अपने आप ही सौदे होते हैं। इस प्रणाली का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा किया जाता है। इस प्रकार की चिंता जताई जाती है कि एल्गो से छोटे निवेशकों और बाजार दोनों को संभावित प्रणालीगत जोखिम का खतरा रहता है।

सेबी ने सबसे पहले एल्गो कारोबार पर दिशानिर्देश मार्च, 2012 में जारी किए थे। मंगलवार को जारी सर्कुलर में बाजार नियामक ने कहा है कि उसने एल्गो दिशानिर्देशों की समीक्षा का फैसला किया है। इस बारे में तकनीकी सलाहकार समिति ने सुझाव दिया था। नए नियम 27 मई से लागू होंगे।

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संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, एल्गो सुविधा प्रदान करने वाले शेयर ब्रोकरों को अनिवार्य रूप से प्रत्येक छह माह में अपने सिस्टम का ऑडिट कराना होगा और उसे सेबी और शेयर बाजारों द्वारा तय जरूरतों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इस तरह का आडिट उचित प्रमाणन वाले सिस्टम आडिटर द्वारा किया जाएगा।