यह ख़बर 13 अप्रैल, 2013 को प्रकाशित हुई थी

सैट ने सहारा की याचिका पर सुनवाई 20 अप्रैल तक स्थगित की

खास बातें

  • सेबी ने निवेशकों का धन लौटाने के मामले में सुब्रत रॉय के साथ समूह की दो कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों के बैंक खातों व संपत्तियों की कुर्की के आदेश दिए हैं, जिसके खिलाफ सुब्रत रॉय ने यह याचिका दायर की है।
मुंबई:

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के आदेश के खिलाफ सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की याचिका पर सुनवाई 20 अप्रैल तक स्थगित कर दी।

बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों और सुब्रत रॉय सहित अन्य शीर्ष कार्यकारियों के बैंक खाते और संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया है। सेबी के इसी आदेश के खिलाफ सहारा समूह प्रमुख ने सैट में अपील की है। प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने मामले की प्राथमिक सुनवाई के दौरान मामले पर आगे की सुनवाई 20 अप्रैल तक के लिए टाल दी।

सहारा समूह के वकील ने चिकित्सा कारणों से सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया था। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा विभिन्न अवैध तरीकों से निवेशकों से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये के रिफंड से जुड़ा है। सेबी के खिलाफ सहारा की ओर से सुब्रत रॉय द्वारा खुद एवं समूह की कंपनी सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कार्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल) सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल), अशोक राय चौधरी एवं अन्य की ओर से चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये से अधिक धन के रिफंड से जुड़ा है। ये चारों याचिकाएं सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड (एसएचआईसीएल), सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और अशोक राय चौधरी एवं अन्य द्वारा दायर की गई हैं।

इन याचिकाओं में सेबी के 13 फरवरी के कुर्की के आदेश चुनौती दी गई है। बाजार नियामक ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए आवश्यक धन की वसूली के लिए इन व्यक्तियों और कंपनियों की संपत्तियों की बिक्री हेतु कुर्की की कार्रवाई शुरू की है।

रॉय ने सेबी द्वारा जारी कुर्की के आदेशों के खिलाफ फरवरी में सैट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद बाकी व्यक्तियों ने अपनी याचिकाएं दायर कीं। न्यायाधिकरण ने इससे पहले 26 मार्च को मामले पर सुनवाई की थी, जिसमें उसने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का फैसला किया था। संयोग से, सेबी ने 26 मार्च को एक अन्य आदेश पारित किया, जिसमें उसने राय एवं अन्य तीन शीर्ष अधिकारियों को 10 अप्रैल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था।

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रॉय एवं अन्य तीन अधिकारी 10 अप्रैल को सेबी के मुख्यालय में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत सरण के समक्ष पेश हुए, जहां उनसे उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। सेबी में पेशी के बाद राय ने कहा था कि सहारा समूह ने सेबी द्वारा मांगे गए ब्योरे उपलब्ध कराए हैं और उनसे कुछ और दस्तावेज जमा करने को कहा गया है, जिन्हें वह जल्द ही जमा कर देंगे।