नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को विदेश में तीन होटलों की भागीदारी बेचकर धन की व्यवस्था करने के लिए अपने कर्जदाता बैंक ऑफ चाइना से संपर्क करने की आज अनुमति दे दी। इससे जेल में बंद समूह के मुखिया सुब्रत राय को छोड़वाने के लिए जमानत राशि की व्यवस्था करने में मदद मिल सकती है।
लेकिन कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में सुधार के लिए राय की नई याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। कोर्ट ने उस आदेश के तहत राय से पांच हजार करोड़ रुपए नकद भुगतान करने और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देने को कहा है।
सहारा समूह ने अपने नए प्रस्ताव में कहा है कि वह पांच दिन के भीतर तीन हजार करोड़ रुपए जमा कर देगा और बाकी दो हजार करोड़ रुपए अगले 30 दिन के भीतर जमा करेगा। समूह लंदन में एक होटल और न्यूयॉर्क में दो होटलों में अपनी भागीदारी बेचने कर 60 दिन के भीतर बाकी के पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जमा कर देगा।
जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर और जस्टिस एके सीकरी की खंडपीठ ने कहा कि सहारा समूह बैंक ऑफ चाइना से पत्राचार करेगा, जिसने विदेशों में होटल खरीदने के लिए काफी बड़ी धनराशि कर्ज के रूप में दी है। सहारा को इस पत्राचार के नतीजे के बारे में एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करना होगा।
इस मामले की तीन घंटे से अधिक समय तक सुनवाई के बाद अंतिम क्षणों में न्यायाधीशों ने कहा, 'हम नौ संपत्तियों (कंपनी की सूची में शामिल) को बेचने की आपको अनुमति देते हैं। हम आपको धन की व्यवस्था करने के लिए एंबी वैली को गिरवी रखने की भी अनुमति देते हैं।'
इससे पहले, न्यायालय ने सहारा समूह से कहा था कि चार मार्च से जेल में बंद सुब्रत राय की रिहाई के लिये उसे पांच हजार करोड़ रूपए नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देनी होगी।