खास बातें
- उच्चतम न्यायालय ने महिंद्रा सत्यम को उसके कर विभाग के साथ विवाद में 25 अप्रैल तक 617 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया है।
New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने महिंद्रा सत्यम को उसके कर विभाग के साथ विवाद में 25 अप्रैल तक 617 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कंपनी से कहा है कि वह केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के समक्ष दो सप्ताह में अपनी बात रखे। उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता कंपनी दो सप्ताह के भीतर सीबीडीटी के समक्ष व्यापक प्रस्तुतीकरण देकर 2003-04 से 2008-09 के बीच की आय के पुन: आकलन के लिए सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराए। पीठ ने कहा कि कंपनी की ओर से प्रस्तुतीकरण मिलने के बाद सीबीडीटी इस मामले में दो सप्ताह में फैसला करे। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कंपनी यदि 25 अप्रैल तक न्यायालय के पंजीयन कार्यालय में 617 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दर्ज करवा देगी, तो उसके खातों पर लगी रोक उठा ली जाएगी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि महिंद्रा सत्यम के चेयरमैन को 48 घंटे के भीतर उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री के समक्ष यह हलफनामा देना होगा कि कंपनी 25 अप्रैल तक बैंक गारंटी उपलब्ध करा देगी। महिंद्रा सत्यम ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि वह आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में कर विभाग के खिलाफ दायर याचिका को वापस ले लेगी। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि महिंद्रा सत्यम सीबीडीटी के आदेश से संतुष्ट नहीं होती है, तो वह इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे सकती है।