यह ख़बर 23 मार्च, 2011 को प्रकाशित हुई थी

समान पते वाली कंपनियों पर निगाह रखेगी सरकार

खास बातें

  • कंपनी मामलों का मंत्रालय अपनी धोखाधड़ी पकड़ने की साफ्टवेयर प्रणाली में दो और मानदंड जोड़ने पर विचार कर रहा है।
New Delhi:

भारतीय उद्योग जगत में धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं से चिंतित सरकार अपनी शुरुआती चेतावनी प्रणाली :ईडब्ल्यूएस: को मजबूत बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार समान पते तथा साझा निदेशकों वाली कंपनियों की गतिविधियों पर निगाह रखी जाएगी। कंपनी मामलों का मंत्रालय अपनी धोखाधड़ी पकड़ने की साफ्टवेयर प्रणाली में दो और मानदंड जोड़ने पर विचार कर रहा है। यह प्रणाली किसी कंपनी में असामान्य घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद मंत्रालय को इसके बारे में सतर्क करती है। जनवरी, 2009 में सत्यम कंप्यूटर का 14,000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद ईडब्ल्यूएस प्रणाली बनाई गई थी। यदि कोई कंपनी मंत्रालय द्वारा तय किए गए 10 मानदंडों में से किसी का भी उल्लंघन करती है, तो यह प्रणाली उसके बारे में संकेत देती है। कंपनी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, मंत्रालय में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय :एसएफआईओ: तथा निदेशक :जांच एवं निरीक्षण: की सदस्यता वाली समिति का गठन किया गया है, जो यह तय करेगी कि कोई नए मानदंड शामिल किए जाने चाहिए या नहीं। ईडब्ल्यूएस के जरिये सरकार कंपनियों के तिमाही नतीजों की छानबीन करती है, उनकी सार्वजनिक घोषणाओं, शेयर बाजारों में दी गई सूचना, कर रिटर्न, मीडिया की खबरों आदि पर निगाह रखती है और यह पता लगाती है कि कुछ गलत तो नहीं हो रहा। यदि कंपनी की पांच प्रतिशत घरेलू बिक्री एक दूसरे से संबद्ध कंपनियों के बीच लेनदेन के जरिये होती है, या फिर एक साल के भीतर उसके आधे निदेशकों ने इस्तीफा दिया है, या उसकी प्रति व्यक्ति आय में कुछ खामी है, तो कंपनी मंत्रालय के रडार में आ जाती है।


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