नई दिल्ली:
सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी सेल ने अपने 85,000 गैर-कार्यकारियों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते में 16 प्रतिशत एवं सुविधाओं (पर्क्स) में 6 प्रतिशत की वृद्धि के लिए उनके साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इससे कंपनी पर सालाना कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा।
सूत्रों ने बताया कि सेल में हर पांच साल में वेतन वृद्धि की जाती है और वेतन में कितनी वृद्धि की जाए, इस मुद्दे को लेकर प्रबंधन एवं कंपनी की यूनियनों के शीर्ष निकाय नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील के बीच मतभेदों के चलते वेतन वृद्धि का मुद्दा जनवरी, 2012 से लंबित है।
उन्होंने बताया, प्रबंधन और यूनियनों के बीच पिछले महीने हुई बैठक में एक संधि पर सहमति बन गई है। इस महीने होने वाली अगली बैठक में एक समझौते के रूप में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में प्रबंधन ने यूनियन के प्रतिनिधियों को सूचित किया कि इस्पात उद्योग का मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए कंपनी पर्क्स एवं पेंशन में 6-6 प्रतिशत की वृद्धि के अलावा मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते में 16 प्रतिशत से अधिक वृद्धि वहन करने की स्थिति में नहीं होगी।
सूत्रों ने बताया कि यूनियन के प्रतिनिधि वेतन में 17-18 प्रतिशत की वृद्धि की मांग कर रहे थे। प्रबंधन ने उन्हें अगली बैठक में सहमत होकर आने को कहा है। उन्होंने कहा, भले ही यूनियनें प्रबंधन के प्रस्ताव पर सहमत हो जाती हैं, इससे प्रति वर्ष सेल पर कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। चूंकि वेतन वृद्धि दो साल से लंबित है, तत्काल कंपनी को कर्मचारियों को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।