खास बातें
- सुब्रत राय की अगुवाई वाले सहारा समूह की रीयल एस्टेट कंपनी सहारा प्राइम सिटी का 3,450 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब नहीं आएगा।
मुंबई: सुब्रत राय की अगुवाई वाले सहारा समूह की रीयल एस्टेट कंपनी सहारा प्राइम सिटी का 3,450 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब नहीं आएगा। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सहारा प्राइम सिटी लि. के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइल को बंद कर दिया है।
सेबी द्वारा मांगी गए स्पष्टीकरण को जमा करने में कंपनी के विफल रहने पर नियामक ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने आईपीओ के लिए लगभग साढ़े तीन साल पहले दस्तावेज का मसौदा बाजार नियामक के पास जमा किया था।
सेबी ने पिछले सप्ताह 3,450 करोड़ रुपये के आईपीओ की फाइल बंद कर दी। बाजार नियामक ने मर्चेन्ट बैंकरों से प्रस्तावित आईपीओ के बारे में कई स्पष्टीकरण मांगे थे जिसका जवाब अबतक लंबित है।
बाजार नियामक को मर्चेन्ट बैंकर इनाम सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. से आईपीओ के लिए दस्तावेज का मसौदा 30 सितंबर, 2009 को मिला था।
आईपीओ प्रस्तावों पर साप्ताहिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा, ‘सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ प्रस्ताव से जुड़ी फाइंल बंद कर दी गई है। पिछले सप्ताह की स्थिति के अनुसार सेबी स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा था।’
सहारा प्राइम सिटी के आईपीओ के लिए विवरणी पुस्तिका प्राप्त करने के बाद सेबी को सहारा समूह के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं और उसके बाद की गई जांच से नियामक ने सेबी की दो कंपनियों के खिलाफ बहुचर्चित आदेश दिया था।
सहारा प्राइम सिटी ने 450 करोड़ रुपये के ग्रीन शू विकल्प के साथ आईपीओ के जरिये 3,450 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा था। इस राशि का उपयोग देश में कंपनी की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में किया जाना था।