यह ख़बर 13 मार्च, 2014 को प्रकाशित हुई थी

सहारा समूह प्रमुख सुब्रत राय सहारा की याचिका रद्द

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय की याचिका रद्द कर दी। राय ने अदालत में इस आशय की याचिका दाखिल की थी कि वह देश से बाहर नहीं जाने का एक निजी बांड भर सकते हैं और इस बांड पर उन्हें जेल से रिहा किया जाए।

न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की पीठ ने वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी से पूछा कि क्या निवेशकों के पैसे वापस करने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास बकाया 19,000 करोड़ रुपये जमा करने का वह कोई प्रस्ताव लाए हैं।

जेठमलानी ने जब कहा कि बकाया राशि के भुगतान के एक हिस्से के तौर पर राय 2,500 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, तो अदालत ने यह पेशकश ठुकरा दी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

सहारा समूह ने पहले भी इस प्रकार का प्रस्ताव रखा था और अदालत ने अस्वीकार्य बताते हुए उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।