नई दिल्ली:
सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 57.9 करोड़ डॉलर (लगभग 35 अरब रुपये) का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। कंपनी द्वारा अपने केजी-डी6 ब्लॉक से लक्ष्य से कम प्राकृतिक गैस उत्पादन मामले में यह जुर्माना लगाया गया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद प्रधान ने आज लोकसभा को यह जानकारी दी।
इस तरह 1 अप्रैल, 2010 से चार वित्त वर्षों में लक्ष्य से कम उत्पादन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज पर लगाया गया जुर्माना 2.376 अरब डॉलर (लगभग 14,000 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया है।
यह जुर्माना परियोजना के विकास खर्च को गैस की ब्रिकी निकालने की अनुमति नहीं देने के रूप में लगाया गया है। उत्पादन भागीदारी करार (पीएससी) के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी भागीदार बीपी पीएलसी व निको रिसोर्सेज को गैस की बिक्री से होने वाले आय से सभी पूंजी व परिचालन खर्चे निकालकर जो लाभ होता है, उसमें सरकार के साथ भागीदारी करनी होती है।
प्रधान ने कहा कि कंपनी के खिलाफ वसूली पर पाबंदी से 2010-11 से 2013-14 के दौरान इस परियोजना के लाभ में सरकार का हिस्सा 19.5 करोड़ डॉलर बढ़ जाएगा। लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लाक के धीरूभाई 1 और 3 गैस क्षेत्रों से उत्पादन 8 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन रहना चाहिए था, लेकिन 2011-12 में वास्तविक उत्पादन सिर्फ 3.53 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन, 2012-13 में 2.08 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन व 2013-14 में 97.7 लाख घनमीटर प्रतिदिन रहा। इस साल उत्पादन अभी 80.5 लाख घनमीटर प्रतिदिन है।