खास बातें
- निजी इक्विटी फंडों की निकासी 2011 में उल्लेखनीय रूप से कम रही। पिछले साल वित्तीय अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सिर्फ 74 कंपनियों ने अपनी हिस्सेदारी बेची।
नई दिल्ली: निजी इक्विटी फंडों की निकासी 2011 में उल्लेखनीय रूप से कम रही। पिछले साल वित्तीय अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सिर्फ 74 कंपनियों ने अपनी हिस्सेदारी बेची।
साल 2011 में भारतीय उद्योग में सिर्फ 74 सौदे हुए जिसमें निजी इक्विटी :पीई: कंपनियों ने अपनी घरेलू कंपनियों की हिस्सेदारी बेची जो पिछले साल के मुकाबले 47 फीसद कम है।
ऐसे सौदों का आकलन करने वाली कंपनी वेंचर इंटेलिजेंस के मुताबिक साल 2010 में ऐसे 139 सौदे हुए थे।
वेंचर इंटेलिजेंस के मुख्य कार्याधिकारी अरुण नटराजन ने कहा ‘‘निजी इक्विटी कंपनियों ने 2011 में 74 कंपनियों :चार में आईपीओ के जरिए: ने अपनी हिस्सेदारी बेची जो 2010 के मुकाबले आधा है। 24 पीई समर्थित आईपीओ आए थे और 115 मामलों में निकासी विलय व अधिग्रहण और सार्वजनकि तौर पर बाजार में बिक्री की गई थी।’’
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पीई कंपनयों को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के कारण 2011 में अपनी हिस्सेदारी बेचना मुश्किल लगा। पीई समर्थित कंपनियों ने 2011 में आईपीओ के जरिए करीब 22.1 करोड़ डालर जुटाए।