खास बातें
- मुद्रास्फीति में लगातार तेजी को देखते हुए रिजर्व बैंक मंगलवार को अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों को और चौथाई प्रतिशत ऊंचा कर सकता है।
मुंबई: बैंकों का मानना है कि मुद्रास्फीति में लगातार तेजी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक मंगलवार हो मौद्रिक नीति की छमाही समीक्षा के दौरान अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों को और चौथाई प्रतिशत ऊंचा कर सकता है। ब्याज दरों का शिकंजा कसने के बावजूद मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब चल रही है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एमवी टंकसाले ने कहा, साफ है कि मुद्रास्फीति बहुत ऊंची है और मुझे लगता है कि आरबीआई ब्याज दरों में चौथाई फीसद की बढ़ोतरी करेगा। विजया बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एचएस उपेंद्र कामत ने कहा, मेरा विचार है कि मूल्य पर नियंत्रण के लिए मौद्रिक नीति जारी रहेगी। केंद्रीय बैंक ने खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति समेत लगतार ऊंची मंहगाई दर पर लगाम लगाने के लिए मार्च 2010 से अब तक ब्याज दरों में 12 बार में साढ़े तीन फीसद (350 आधार अंक) की बढ़ोतरी है। इधर, आईडीबीआई के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरएम मल्ला ने कहा, मेरा अपना मानना है कि आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों पर बढ़ोतरी रुक सकती है या फिर अधिकतम चौथाई फीसद हो सकती है। आरबीआई के सामने रुपये की विनिमय दर में तेज गिरावट की भी चुनौती है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की दर गिरने से मुद्रास्फीति पर और दबाव बन रहा है। इसके अलावा औद्योगिक वृद्धि में कमी ने भी विशेष तौर पर मुश्किल वैश्विक आर्थिक स्थिति के मद्देनजर आरबीआई के पास सीमित विकल्प हैं। आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने इस महीने कहा था, हम भारत में कम ब्याज दर का दौर लाना चाहते हैं लेकिन इसमें वक्त लगेगा।