यह ख़बर 16 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

महंगाई अब भी अधिक : आरबीआई

खास बातें

  • आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने यह कहकर दरों में कटौती की सम्भावना खारिज कर दी कि महंगाई अब भी काफी अधिक है और आरबीआई पूरी तरह सावधान है।
पुणे:

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर डी सुब्बाराव ने यह कहकर दरों में कटौती की सम्भावना खारिज कर दी कि महंगाई अब भी काफी अधिक है और आरबीआई पूरी तरह सावधान है।

एक कार्यक्रम के इतर मौके पर सुब्बाराव ने संवाददाताओं से यहां कहा, "7.45 फीसदी पर महंगाई दर निश्चित रूप से काफी अधिक है।"

सुब्बाराव ने कहा कि रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक विकास दोनों के ही प्रति सजग है। उन्होंने कहा, "हम हमेशा सावधान रहते हैं-विकास के प्रति सावधान और निश्चित रूप से महंगाई के प्रति भी।"

रिजर्व बैंक ने अप्रैल में की गई समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 फीसदी कटौती की थी, लेकिन उसके बाद से इसे यथावत रखा है।

उद्योग जगत और यहां तक कि सरकार भी रिजर्व बैंक से दरों में कटौती करने के लिए कह रही है, ताकि लगभग एक दशक के निचले स्तर पर पहुंच चुकी आर्थिक विकास दर को ऊंचा उठाया जा सके।

रिजर्व बैंक ने 2012-13 की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की 30 अक्टूबर की घोषणा में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 0.25 फीसदी कटौती की थी, लेकिन रेपो और रिवर्स रेपो दर को यथावत रखा था।

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सख्त मौद्रिक नीति के कारण बाजार में निराशा छाई हुई हुई है और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम इस पर नाराजगी जता चुके हैं।