आज से RBI की MPC की बैठक शुरू, ब्याज दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने की संभावना

RBI MPC Meeting 2023 Latest Update: आरबीआई गवर्नर (RBI Governor) शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) गुरुवार को छह सदस्यों वाली समिति के फैसले की घोषणा करेंगे.

आज से RBI  की MPC की बैठक शुरू, ब्याज दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने की संभावना

RBI MPC Meeting 2023: केंद्रीय बैंक गुरुवार को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है.

नई दिल्ली:

RBI MPC Meeting 2023: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दर (Interest Rate) तय करने वाली मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy committee) की तीन दिन की बैठक आज यानी सोमवार को शुरू हुई. ऐसा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि का फैसला कर सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि इसके साथ ही मई, 2022 से शुरू हुआ ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला थम जाएगा. 

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक (3-6 अप्रैल) के दौरान विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों पर विचार किया जाएगा. इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की जाएगी. आरबीआई गवर्नर (RBI Governor) शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das)  गुरुवार को छह सदस्यों वाली समिति के फैसले की घोषणा करेंगे.एमपीसी में आरबीआई के तीन अधिकारी और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त तीन बाहरी सदस्य होते हैं.

इस बैठक में एमपीसी खुदरा मु्द्रास्फीति में वृद्धि और विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा हाल में की गई कार्रवाई पर खासतौर से विचार करेगी.केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में करने के लिए  मई, 2022 से रेपो दर में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुका है.इसके बावजूद मुद्रास्फीति ज्यादातर समय रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है.

खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर और दिसंबर, 2022 में छह प्रतिशत से नीचे रहने के बाद जनवरी में आरबीआई के संतोषजनक स्तर को पार कर गई. ऐसे में केंद्रीय बैंक की कार्रवाई जरूरी है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई (CPI) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में 6.52 प्रतिशत और फरवरी में 6.44 प्रतिशत थी.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक गुरुवार को रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करेगा, और शायद इसके साथ ही ब्याज दर में बढ़ोतरी का सिलसिला थम जाएगा.