नई दिल्ली:
रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति में नरमी के रख के बावजूद दरों में कटौती की मांग के बावजूद अपनी तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में यथास्थिति बरकरार रख सकता है।
ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक एसएल बंसल ने बताया, 'मुझे लगता है कि रिजर्व बैंक द्वारा यथास्थिति बरकरार रखी जाएगी।' इसी तरह के विचार रखते हुए एचएसबीसी इंडिया की कंट्री हेड नैना लाल किदवई ने कहा, 'मेरा मानना है कि रिजर्व बैंक इस मौद्रिक नीति समीक्षा में अपनी नीतिगत ब्याज दर जस का तस बनाए रखेगा।'
रिजर्व बैंक तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की 28 जनवरी को समीक्षा करने वाला है।
इक्रा के प्रबंध निदेशक नरेश टक्कर के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि रिजर्व बैंक इस समीक्षा में रेपो दर अपरिवर्तित रखेगा, भले ही दिसंबर में मुद्रास्फीति में नरमी आई है।
हालांकि, एसबीआई ने एक रिपोर्ट में कहा, 'रिजर्व बैंक जनवरी, 2014 में दरें यथावत रख सकता है और मुद्रास्फीति में और नरमी आने की प्रतीक्षा कर सकता है, क्योंकि दिसंबर, 2013 में मुद्रास्फीति कमोबेस स्थिर रही।'
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आने के चलते दिसंबर, 2013 में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पांच महीने के निचले स्तर 6.16 प्रतिशत पर आ गई।