खास बातें
- यूनीकॉन फाइनेंशल साल्यूशंस के मुख्य कार्याधिकारी गजेन्द्र नागपाल ने कहा कि शेयर बाजार में इस सप्ताह बाजार का रुख हलचल भरा रहने की संभावना है।
नई दिल्ली: अमेरिकी बाजार के सकारात्मक रुख के साथ बंद होने के कारण सोमवार को शेयर बाजार लाभ के साथ खुल सकता है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा और यूरो क्षेत्र के संकट पर यूरोपीय नेताओं की बैठक के नतीजे पर बाजार की नजर होगी। यूनीकॉन फाइनेंशल साल्यूशंस के मुख्य कार्याधिकारी गजेन्द्र नागपाल ने कहा कि शेयर बाजार में इस सप्ताह बाजार का रुख हलचल भरा रहने की संभावना है। बाजार का रुख यूरो क्षेत्र के संकट को सुलझाने के लिए यूरोपीय नेताओं की बैठक के नतीजे पर भी काफी हद तक निर्भर करेगा। नागपाल ने आगे कहा कि बाजार में कारोबार का रूख सकारात्मक रुझान के साथ सतर्क रहने की उम्मीद है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य नीतिगत दरों में वृद्धि होने की संभावना है जिसका पहले से शेयर बाजारों पर असर है। मुद्रास्फीति की ऊंची दर तथा वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों के कारण विगत सप्ताहांत में सूचकांक में 1.74 प्रतिशत की गिरावट आई। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक शुरू में 17,188.55 अंक की उंचाई को छूने के बाद इस लाभ को कायम नहीं रख पाया और सप्ताहांत में 297.05 अंक की गिरावट दर्शाता 16,785.64 अंक पर बंद हुआ। पिछले सप्ताहांत यहां 850 अंक अथवा 5.24 प्रतिशत की तेजी आई थी। एक अन्य विशेषज्ञ जियोजित बीएनपी पारिबास फाइनेंशल सर्विसेज के शोध प्रमुख एलेक्स मैथ्यू ने कहा कि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को तेजड़िया धारणा के साथ बंद हुआ तथा सोमवार को दलाल स्ट्रीट में तेजी देखने को मिल सकती है। निफ्टी में भी इसी प्रकार का रूख रहने की उम्मीद है। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार लाभ दर्शाते बंद हुए जहां डोउ जोन्स औद्योगिक सूचकांक में 2.31 प्रतिशत की तेजी आई वहां एस एंड पी 500 में 1.88 प्रतिशत और नस्दक सूचकांक 1.49 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गयी। इस बीच यूरो क्षेत्र के ऋण संकट के समाधान के लिए यूरोपीय नेताओं की बैठक से पहले एशिया में अन्यत्र बाजारों का रुख सतर्कतापूर्ण था। सीएनआई रिसर्च के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक किशोर पी ओस्तवाल ने कहा कि ऐसी संभावना है कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी करे जिस बात की बाजार ने पहले ही अनदेखी कर दी है। बाजार सूत्रों का मानना है कि 25 अक्तूबर को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की तिमाही समीक्षा महत्वपूर्ण है जिस पर काफी हद तक बाजार की दिशा निर्भर करेगी।