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नई दिल्ली:
देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई ने तुरंत प्रभाव से रेपो रेट में 0.25 की कमी की है। इसी के साथ अब रेपो रेट घटकर 7.75 प्रतिशत हो गई है। पिछले दिनों महंगाई दर में आई कमी की वजह से यह कटौती की गई है।
जानकारों के मुताबिक, आरबीआई ने आर्थिक विकास दर बढ़ाने के मकसद से यह कटौती की है। आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि महंगाई की दर में आई कमी के कारण दरों में यह बदलाव किया गया है। आबीआई ने सीआरआर की दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार प्रतिशत पर बरकरार है। वहीं, बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया है। यह दर 6.75 प्रतिशत पर जस की तस है।
इस कमी से उम्मीद की जा रही है कि होम लोन और कार लोन सस्ते हो सकते हैं। साथ ही बैंकों के पास ईएमआई कम करने का मौका भी होगा। रिजर्व बैंक ने यह भी साफ कर दिया है कि ईएमआई कम करने का फैसला बैंक लेंगे।
क्या है रेपो दर?
बता दें कि रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई किसी बैंक को लोन देता है। ब्याज दर कम होने का मतलब यह है कि बैंकों के पास अब ज्यादा पैसा होगा, जिसे वह बाजार में डाल सकते हैं। वहीं, रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर बैंक रिजर्व बैंक को पैसा देते हैं। बैंक अपने पास मौजूद नकदी का रिजर्व बैंक में रख सकते है और इस पर उन्हें रिजर्व बैंक से ब्याज मिलता है। जिस दर पर यह ब्याज मिलता है, उसे ही रिवर्स रेपो दर कहा जाता है।