यह ख़बर 11 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

ब्याज दरों में कटौती महंगाई पर निर्भर करेगी : रंगराजन

खास बातें

  • रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की कटौती को उचित कदम ठहराते हुए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा है कि ब्याज दरों में कमी महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगी।
नई दिल्ली:

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तरलता बढ़ाने के लिए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.75 प्रतिशत की कटौती को उचित कदम ठहराते हुए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा है कि ब्याज दरों में कमी महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगी।

पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ब्याज दरों में कटौती बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि महंगाई का रुख क्या रहता है। सीआरआर में 0.75 फीसदी की कटौती का ताजा कदम निश्चित रूप से मौद्रिक नीति को नरम करने वाला है।’’

केंद्रीय बैंक ने एक हैरान करने वाले कदम के तहत शुक्रवार को सीआरआर को 0.75 फीसदी घटाकर 4.75 प्रतिशत कर दिया है। इससे बैंकों के पास 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। रंगराजन ने कहा, ‘‘बाजार की स्थिति अभी कड़ी है। माह के मध्य में यह और कड़ी हो सकती है, क्योंक अग्रिम कर का भुगतान होना है। ऐसे में सीआरआर में कटौती का रिजर्व बैंक का कदम पूरी तरह उचित है।’’

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रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर में कटौती का कदम नकदी की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह में कंपनियों द्वारा कर के अग्रिम भुगतान के लिए धन की निकासी के कारण बैंकों के पास नकदी की तंगी बढ़ सकती है। अनुमान है कि कंपनियों 15 मार्च तक कॉरपोरेट कर के भुगतान के लिए बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये की निकासी कर सकती हैं।